उत्तर प्रदेशबस्ती

बिना डॉक्टर और फार्मासिस्ट की मौजूदगी में 13 मरीजों का इलाज

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुगरहा की हालत नारकीय

अजीत मिश्रा (खोजी)

बस्ती: स्वास्थ्य तंत्र में लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल खोल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुगरहा की हालत नारकीय।

🏨 सरकारी धन का दुरुपयोग, बिना डॉक्टर और फार्मासिस्ट के इलाज जारी।Screenshot 20251104 115913 Screenshot 20251104 115856 Screenshot 20251104 115834 Screenshot 20251104 115814 Screenshot 20251104 115751 Screenshot 20251104 115728

रुधौली (बस्ती)।। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुधौली के अंतर्गत आने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुगरहा इन दिनों स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार की खुली मिसाल बन चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार, केंद्र पर न तो डॉक्टर तैनात हैं और न ही फार्मासिस्ट मौजूद रहता है, इसके बावजूद यहां मरीजों का इलाज दर्ज किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल की स्थिति इतनी दयनीय है कि यहां केवल सरकारी धन और वेतन का दुरुपयोग हो रहा है। स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं और मरीजों की देखरेख करने वाला कोई नहीं है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बिना डॉक्टर और फार्मासिस्ट की मौजूदगी में 13 मरीजों का इलाज दर्ज किया गया है। अब सवाल यह उठता है कि इन मरीजों को दवा किसने दी, जांच किसने की, और अगर किसी मरीज के साथ कोई अनहोनी होती है तो जिम्मेदार कौन होगा?

मौजूद स्टाफ के अनुसार, लैब टेक्नीशियन और वार्ड बॉय मिलकर कभी-कभी दवा देते हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि सीएचसी प्रभारी पिछले छह महीने से किसी भी उपकेंद्र का दौरा नहीं किए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है। इस पूरे मामले पर जब मीडिया ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) बस्ती से संपर्क किया तो उन्होंने दूरभाष पर जांच के आदेश जारी किए और कहा कि लापरवाही या भ्रष्टाचार पाए जाने पर संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने मांग की है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनाती की वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और फर्जी इलाज दर्ज करने वालों पर प्राथमिकी दर्ज की जाए।

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